रागिनी विश्वकर्मा का जीवन परिचय, उम्र, परिवार, करियर (Ragini Vishwakarma Biography in Hindi)

Ragini Vishwakarma Biography: रागिनी विश्वकर्मा उत्तर प्रदेश के गोरखपुर की एक साधारण लड़की से रातोंरात स्टार बनी भोजपुरी गायिका हैं, जिनकी आवाज यो यो हनी सिंह के सुपरहिट गाने मैनिएक में “दिदिया के देवरा…” लाइन से पूरे देश में गूंज गई और हनी सिंह के साथ ही उनका दूसरा गाना चिलग्म के लाइन “चिलग़्म खिया के” भी खूब सुनी जा रही है। सड़कों पर ढोलक बजाकर गाना गाने वाली यह लड़की अब लाखों फॉलोअर्स वाली सोशल मीडिया सेंसेशन है। परिवार के साथ मंदिरों, शादियों और गांवों में गाकर गुजारा करने वाली रागिनी ने 2025 में पहली बार हनी सिंह के साथ काम करके सबको चौंका दिया। 

रागिनी विश्वकर्मा का बायोडाटा (Ragini Vishwakarma Bio)

विवरणजानकारी
पूरा नामरागिनी विश्वकर्मा
जन्म तिथिलगभग 2000-2005 (सटीक तारीख सार्वजनिक नहीं, 20-25 साल की उम्र)
उम्र20-25 साल (2025 तक)
पेशाभोजपुरी गायिका, लोक कलाकार, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर
गृहनगरगोरखपुर, उत्तर प्रदेश (चौरी-चौरा, तरकुलवा क्षेत्र)
वर्तमान निवासगोरखपुर, उत्तर प्रदेश
धर्महिंदू
राष्ट्रीयताभारतीय
Instagram ID@raginivishwakarma583

रागिनी विश्वकर्मा का फिजिकल डिटेल्स

विवरणजानकारी
लंबाई5 फीट 2 इंच (लगभग 157 सेमी)
वजनलगभग 50 किलो
आंखों का रंगकाला
बालों का रंगकाला

रागिनी विश्वकर्मा का शुरुआती जीवन

रागिनी विश्वकर्मा का जन्म गोरखपुर के एक गरीब परिवार में हुआ। उनका पूरा परिवार संगीत से जुड़ा है – पिता, मां, भाई-बहन सभी ढोलक, हारमोनियम बजाकर गाना गाते हैं। घर का गुजारा मंदिरों में भजन, शादियों में गीत और सड़कों पर परफॉर्मेंस से चलता है। रागिनी बताती हैं, “10 साल की उम्र से मैं परिवार के साथ गाती हूं।” कोई फॉर्मल ट्रेनिंग नहीं, बस घर की परंपरा।

कोरोना के समय उनका एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें वो सड़क पर गा रही थीं। यूट्यूबर्स 100-200 रुपये देकर गाना गवाने लगे। फिर पंखा कूलर से न गर्मी बुझाला जैसे गाने हिट हुए। अनुराग एंटरटेनमेंट चैनल ने उन्हें सपोर्ट किया। रागिनी कहती हैं, “सड़क से स्टूडियो तक का सफर मुश्किल था, लेकिन हनी सिंह ने मुझे मौका देकर जिंदगी बदल दी।”

रागिनी विश्वकर्मा की शिक्षा

रागिनी की पढ़ाई ज्यादा नहीं हो पाई। परिवार की मजबूरी के कारण स्कूल के बाद संगीत पर फोकस। लोकल स्कूल से 10वीं तक पढ़ीं। कोई कॉलेज नहीं गया। वो कहती हैं, “संगीत ही मेरी यूनिवर्सिटी है।”

रागिनी विश्वकर्मा का परिवार

रागिनी विश्वकर्मा के पिता, मां, भाई-बहन सब गाते-बजाते हैं। रागिनी अविवाहित हैं। परिवार गोरखपुर के तरकुलवा में छोटे से घर में रहता है। रागिनी कहती हैं, “परिवार ही मेरी ताकत है, हम सब मिलकर गाकर घर चलाते हैं।” हनी सिंह के गाने के बाद परिवार की जिंदगी बदल गई।

रागिनी विश्वकर्मा का करियर

रागिनी विश्वकर्मा ने करियर सड़क से शुरू किया। 2018 से यूट्यूब पर गाने अपलोड होने लगे। पंखा कूलर से न गर्मी बुझाला ने 95 लाख+ व्यूज पाए। अनुराग एंटरटेनमेंट ने सपोर्ट किया। 2025 में हनी सिंह की टीम से विनोद वर्मा का कॉल आया। मैनिएक गाने में “दिदिया के देवरा हिलवले बाटे नजरिया” लाइन गाई। गाना रिलीज होते ही 26 मिलियन+ व्यूज। टी-सीरीज ने गाना रिलीज किया। अब खेसारी लाल यादव ने भी गाना साइन करने का वादा किया।

करियर हाइलाइट्स

उपलब्धिविवरण
पहला वायरल गाना2018 में पंखा कूलर से न गर्मी बुझाला, 95 लाख+ व्यूज
बॉलीवुड ब्रेकथ्रू2025 में हनी सिंह का मैनिएक, 26 मिलियन+ व्यूज
यूट्यूब चैनललाखों सब्सक्राइबर्स, दर्जनों भोजपुरी गाने
सोशल मीडियाInstagram पर 444K+ फॉलोअर्स (मार्च 2025)
अन्यशादियों, मंदिरों में परफॉर्मेंस, अब बड़े स्टेज शो

रागिनी विश्वकर्मा के बारे में खास बातें

  • 10 साल की उम्र से सड़क पर गाना शुरू।
  • परिवार का गुजारा ढोलक-हारमोनियम से।
  • कोई फॉर्मल ट्रेनिंग नहीं, सब घर की सीख।
  • कोरोना में वीडियो वायरल, यूट्यूबर्स 100 रुपये देकर गवाते थे।
  • हनी सिंह को गाना देने से पहले पता नहीं था।
  • गाना रिलीज के बाद रातोंरात स्टार।
  • अब भोजपुरी इंडस्ट्री में बड़े ऑफर।
  • सादगी पसंद, अभी भी गांव में रहती हैं।

विवाद और चुनौतियां

मैनिएक गाने को कुछ लोग अश्लील बता रहे हैं, लेकिन रागिनी ने कहा, “यह हमारी संस्कृति का हिस्सा है।” क्रेडिट न देने पर बवाल हुआ, बाद में नाम जोड़ा गया। सड़क सिंगर से स्टार बनने पर कुछ लोग जलन करते हैं। रागिनी कहती हैं, “मेहनत से जवाब दूंगी।”

सामाजिक योगदान

रागिनी गरीब परिवार से हैं, इसलिए दूसरों की मदद करती हैं। लोकल लड़कियों को गाना सिखाती हैं। हनी सिंह के गाने से मिले पैसे परिवार पर खर्च। कहती हैं, “संगीत से लोगों को खुशी दूं।”

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