राधा श्रीवास्तव (Radha Srivastava) एक प्रतिभाशाली भोजपुरी गायिका हैं, जिन्होंने हाल ही में इंडियन मंच पर श्रेया घोसल, विशाल ददलानी और बादशाह के सामने भोजपुरी गाने की जबरदस्त परफॉर्मेंस दी। उनके गाने का अंदाज इतना दमदार और अलग था कि जजों ने उनकी खूब तारीफ की। इस परफॉर्मेंस का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोग राधा के बारे में जानने के लिए उत्सुक हैं। इस लेख में, हम राधा श्रीवास्तव की जीवनी की जीवनी बताएंगे।
राधा का जन्म उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती जिले में हुआ है। वे एक भोजपुरी सिंगर हैं उनका एक गाना ‘चटनिया ये सइया सिलवट पर पीसी” बहुत ही फेमस है। राधा एक बच्चे की माँ भी हैं। उनके पति अमित श्रीवास्तव भी एक गायक हैं। इन दोनों की गायकी की जुगलबंदी देखने के लिए आप उनके सोशल मीडिया पर जा सकते हैं, जहां वे मजाकिया अंदाज में अपनी पति के साथ गानों की लिरिक्स गाकर लड़ाई करती नजर आ जाएंगी।

Radha srivastava Wiki/Biodata
| पूरा नाम | राधा श्रीवास्तव (Radha srivastava) |
| उम्र | 23 वर्ष (2024 में) |
| पेशा | गायक |
| रिलेशनशिप स्टेट्स | शादी शुदा |
| पति का नाम | अमित श्रीवास्तव |
| जन्मतिथि | अभी पता नहीं |
| हाइट | 5’4 |
| वजन | 56kg |
| आँखों का रंग | काला |
| बाल का रंग | काला |
| शौक | Singing Dancing, Video Creators |
| जन्मस्थान | श्रावस्ती, उत्तर प्रदेश |
| निवास स्थान | श्रावस्ती, उत्तर प्रदेश |
| स्कूल | प्राथमिक विद्यालय लोहटी |
| कॉलेज | राजेन्द्र दास जनजातीय इन्टर कॉलेज, और संगीत की पढ़ाई – संगीत विद्यापीठ लखनऊ |
| शिक्षा डिग्री | ग्रैजुएट |
| राष्ट्रीयता | भारतीय |
Social media
| @radhaa_srivastava3 (305k Followers) | |
| YouTube | Radha Srivastav RAS (57k Subscriber) |
| Radha Srivastav RAS (1.6m Followers) | |
| Email Contact | sumisri217@gmail.com |
राधा श्रीवास्तव का बचपन
उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती जिले के नौशहरा गांव की राधा श्रीवास्तव ने अपनी मेहनत और लगन से संगीत की दुनिया में अपनी खास पहचान बनाई है। बचपन में राधा और उनके परिवार को पड़ोसियों और गांववालों के ताने सुनने पड़े, क्योंकि राधा को गाने का बहुत शौक था और वह स्टेज पर भी गाती थीं। लेकिन उनके परिवार ने कभी उन्हें रोका नहीं। राधा ने इन तानों को अपनी ताकत बनाया और आज वह एक सफल गायिका हैं।

संगीत के प्रति राधा का बचपन से जुड़ाव
राधा का जन्म एक ऐसे परिवार में हुआ, जहां संगीत जीवन का अभिन्न हिस्सा था। उनके माता-पिता दोनों ही गायक थे। उनके पिता धार्मिक भजन-कीर्तन करते थे और राधा को अक्सर अपने साथ ले जाते थे। इसी दौरान राधा का संगीत के प्रति लगाव बढ़ा। हालांकि, उनके गांव में संगीत सीखने की कोई व्यवस्था नहीं थी। इसके बावजूद, उनके पिता ने उनकी प्रतिभा को पहचाना और उन्हें लखनऊ के भरतखंडे संगीत विश्वविद्यालय में संगीत की शिक्षा दिलवाई।
संगीत के क्षेत्र में शुरुआती संघर्ष और पहचान
2017 में राधा को भोजपुरी सिंगिंग शो “सा रे गा मा पा” में मौका मिला। इस शो में वह छठे स्थान पर रहीं, लेकिन इससे उन्हें भोजपुरी संगीत की दुनिया में पहचान मिली। इसके बाद 2018 में उन्होंने स्टार प्लस के लोकप्रिय शो “दिल है हिंदुस्तानी” के दूसरे सीजन में भाग लिया। इस शो में उनके प्रदर्शन ने दर्शकों और जजों को खूब प्रभावित किया। इस शो में वो फाइनल तक पहुंची।
संगीत गुरु, बाद में पति बने
दिलचस्प बात यह है कि “सा रे गा मा पा” शो में राधा की मुलाकात अमित श्रीवास्तव से हुई, जो उस समय उनके मेंटर थे। पहली बार जब ये दोनों टीवी पर साथ नजर आए, तो दोनों के घरवालों ने भी इन्हें टीवी पर ही देखा। राधा के पिता को अमित काफी पसंद आए, और कुछ महीनों बाद उन्होंने अमित के पिता से मुलाकात की और राधा के लिए शादी का प्रस्ताव रखा।
अमित ने एक इंटरव्यू में बताया कि उनके घरवालों को भी मन ही मन लगने लगा था कि राधा और अमित की जोड़ी काफी अच्छी रहेगी जो की उन्हें बाद में पता चला।
दोनों गायक थे, और दोनों ही श्रीवास्तव परिवार से होने के कारण समाज में भी इस रिश्ते को लेकर कोई दिक्कत नहीं हुई। दोनों परिवारों ने खुशी-खुशी उनकी शादी करवाई।

राधा कहती हैं कि स्टेज पर अब जब उनके पति अमित का साथ रहता है, तो उनका आत्मविश्वास पहले से कहीं ज्यादा बढ़ जाता है।
भोजपुरी और हिंदी संगीत पर राधा की सोच
राधा का मानना है कि एक सिंगर के लिए भाषा मायने नहीं रखती। वह कहती हैं, “मुझे बस गाना पसंद है, चाहे वह भोजपुरी हो या हिंदी।” हालांकि, वह इस बात पर जोर देती हैं कि गानों के बोल (लिरिक्स) महत्वपूर्ण होते हैं। हाल ही में भोजपुरी संगीत में कुछ गानों के बोल पर उन्होंने चिंता व्यक्त की और दर्शकों से अपील की कि ऐसे गानों को बढ़ावा न दें।
नए गायक को सलाह
राधा नए गायकों को सलाह देती हैं कि भड़काऊ गाने गाकर केवल कुछ दिनों की प्रसिद्धि पाई जा सकती है, लेकिन अगर आप लंबे समय तक प्रासंगिक रहना चाहते हैं, तो अच्छे और गुणवत्ता वाले गाने गाने चाहिए। वह कहती हैं, “संगीत भगवान का वरदान है, इसे सहेजकर रखें।”
प्रसिद्ध गाने और उपलब्धियां
राधा का पहला प्रसिद्ध गाना “चटनिया” था, जो बहुत लोकप्रिय हुआ। उनकी कड़ी मेहनत और प्रतिबद्धता के कारण वह आज एक सफल गायिका हैं।




