C P Radhakrishnan Biography: सी.पी. राधाकृष्णन एक जाने-माने भारतीय राजनेता और प्रशासक हैं, जिन्होंने अपने 40 साल से ज्यादा के राजनीतिक सफर में बड़ा नाम कमाया। तमिलनाडु के एक छोटे से कस्बे से शुरूआत करके, उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ अपनी पहचान बनाई और आज वो महाराष्ट्र के राज्यपाल हैं। उनकी रथ यात्रा और जमीनी स्तर पर काम ने उन्हें तमिलनाडु में एक मजबूत नेता बनाया। अगस्त 2025 में, एनडीए ने उन्हें भारत का उपराष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार घोषित किया, जो उनके करियर का एक बड़ा कदम (महत्वपूर्ण उपलब्धि) है। उनका यह सफर मेहनत, लगन और देशसेवा का शानदार उदाहरण है।
सी.पी. राधाकृष्णन (C P Radhakrishnan) का बायोडाटा
| विवरण | जानकारी |
| पूरा नाम | चंद्रपुरम पोनुसामी राधाकृष्णन |
| जन्म तिथि | 20 अक्टूबर 1957 |
| उम्र | 68 साल (2025 तक) |
| पेशा | राजनेता, राज्यपाल, व्यवसायी |
| गृहनगर | तिरुपुर, तमिलनाडु |
| वर्तमान निवास | मुंबई, महाराष्ट्र (राज भवन) |
| धर्म | हिंदू |
| Nationality | भारतीय |
| पत्नी | आर. सुमति |
| Instagram ID | https://instagram.com/cpradhakrishnan |
सी.पी. राधाकृष्णन का शुरुआती जीवन
सी.पी. राधाकृष्णन का जन्म 20 अक्टूबर 1957 को तमिलनाडु के तिरुपुर में एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ। उनके पिता सी.के. पोनुसामी एक LIC एजेंट थे, और मां के. जानकी गृहिणी थीं। बचपन से ही उनमें नेतृत्व की खूबियां दिखती थीं। वो टेबल टेनिस में कॉलेज चैंपियन रहे और लंबी दूरी की दौड़, क्रिकेट, और वॉलीबॉल में भी हिस्सा लेते थे।
उन्होंने तूतीकोरिन के वी.ओ. चिदंबरम कॉलेज से बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन की डिग्री (बीबीए) ली, जो 1978 में मदुरै विश्वविद्यालय से पूरी हुई। 16 साल की उम्र में ही वो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और भारतीय जनसंघ से जुड़ गए, जो बाद में भाजपा बना। 1974 में उन्होंने जनसंघ की राज्य कार्यकारिणी में जगह बनाई, जो उनके राजनीतिक सफर का पहला कदम था।
सी.पी. राधाकृष्णन का परिवार
सी.पी. राधाकृष्णन का परिवार छोटा और एकजुट है। उनकी शादी 25 नवंबर 1985 को आर. सुमति से हुई, जो उनकी बड़ी ताकत रही हैं। दंपति के दो बच्चे हैं—एक बेटा और एक बेटी, लेकिन उनके बारे में ज्यादा जानकारी सार्वजनिक नहीं है। उनके माता-पिता, सी.के. पोनुसामी और के. जानकी, ने उन्हें अनुशासित जीवन जीने की सीख दी। उनका परिवार उनके राजनीतिक और प्रशासनिक कामों में हमेशा साथ देता रहा है।
करियर
सी.पी. राधाकृष्णन ने अपना राजनीतिक करियर 1974 में शुरू किया, जब वो जनसंघ के सदस्य बने। 1980 में भाजपा के गठन के बाद, उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी के सहायक के रूप में काम किया। 1996 में वो तमिलनाडु भाजपा के राज्य सचिव बने और 2004-2007 तक राज्य अध्यक्ष रहे। इस दौरान उन्होंने 93 दिन की रथ यात्रा आयोजित की, जो 19,000 किलोमीटर की थी और नदियों को जोड़ने, सामाजिक समानता, और आतंकवाद विरोध जैसे मुद्दों पर केंद्रित थी।
उन्होंने 1998 और 1999 में कोयंबटूर से लोकसभा चुनाव जीते, जहां उन्होंने डीएमके और सीपीआई के मजबूत उम्मीदवारों को हराया। लोकसभा में उन्होंने वाणिज्य, सार्वजनिक उपक्रम, और वित्त समितियों में काम किया। 2004 में उन्होंने संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत का प्रतिनिधित्व किया और ताइवान के लिए पहली भारतीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा बने।
2016 से 2020 तक उन्होंने नारियल बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में काम किया, जहां उन्होंने नारियल उद्योग को बढ़ावा दिया। 2021 में वो झारखंड के राज्यपाल बने और 2023 में महाराष्ट्र के राज्यपाल नियुक्त हुए। अगस्त 2025 में, एनडीए ने उन्हें उपराष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार घोषित किया, जो उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि है। उनकी नेतृत्व शैली और मेहनत ने भाजपा को तमिलनाडु में मजबूत किया, जहां पार्टी पहले कमजोर थी।

उपलब्धियां
| उपलब्धि | विवरण |
| जनसंघ सदस्यता | 1974 में जनसंघ की राज्य कार्यकारिणी के सदस्य बने |
| लोकसभा चुनाव | 1998 और 1999 में कोयंबटूर से सांसद चुने गए |
| रथ यात्रा | 93 दिन की यात्रा, 19,000 किमी, सामाजिक मुद्दों पर जागरूकता |
| नारियल बोर्ड अध्यक्ष | 2016-2020 तक नारियल उद्योग को बढ़ावा दिया |
| राज्यपाल की भूमिका | झारखंड (2021-2023), महाराष्ट्र (2023-वर्तमान) |
| उपराष्ट्रपति उम्मीदवार | 2025 में एनडीए ने उपराष्ट्रपति पद के लिए नामित किया |
सी.पी. राधाकृष्णन की संपत्ति और आय
| विवरण | जानकारी |
| अनुमानित संपत्ति | 10-15 करोड़ रुपये |
| सालाना आय | 50 लाख-1 करोड़ रुपये (राजनीतिक पद, व्यवसाय, पेंशन) |
| आय के स्रोत | राजनीतिक पद, व्यवसायिक निवेश, पेंशन |
सी.पी. राधाकृष्णन की कमाई मुख्य रूप से उनके राजनीतिक पदों और कुछ व्यवसायिक निवेशों से होती है। उनके पास तिरुपुर में एक घर और कुछ संपत्तियां हैं। राज्यपाल के रूप में उन्हें राज भवन में निवास और भत्ते मिलते हैं। उनकी जीवनशैली सादगी भरी है, लेकिन उनका निवेश सोच-समझकर किया गया है।
विवाद
- 1998 कोयंबटूर बम विस्फोट: 1998 में उनके लोकसभा चुनाव जीतने के बाद कोयंबटूर में बम विस्फोट हुए, जिसमें उन्हें निशाना बनाने की अफवाह थी। उन्होंने इसे राजनीतिक साजिश बताया और अपनी छवि बरकरार रखी।
- तमिलनाडु भाजपा में गुटबाजी: 2000 के दशक में भाजपा की राज्य इकाई में गुटबाजी के कारण उन पर आ अरोप लगे, लेकिन उन्होंने जमीनी काम से पार्टी को एकजुट रखा।
- राज्यपाल के फैसले (2023): महाराष्ट्र के राज्यपाल के रूप में उनके कुछ प्रशासनिक फैसलों (जैसे विश्वविद्यालय नियुक्तियां) पर विपक्ष ने सवाल उठाए, लेकिन उन्होंने पारदर्शिता के साथ जवाब दिया।
सी.पी. राधाकृष्णन का सफर एक छोटे से कस्बे से शुरू होकर राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचा। उनकी मेहनत और देश के लिए समर्पण ने उन्हें एक प्रेरणादायक शख्सियत बनाया। उनकी कहानी हर उस व्यक्ति को प्रेरित करती है, जो अपने सपने बड़े स्तर पर पूरे करना चाहता है।
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